तमाशा देख रहे थे जो डूबने का मेरे
अब मेरी तलाश में निकलें हैं कश्तियाँ लेकर
MOHAMMAD ASLAM
August 09, 2022
0
तमाशा देख रहे थे जो डूबने का मेरे
अब मेरी तलाश में निकलें हैं कश्तियाँ लेकर
Please do not enter any spam link in the comment box.